बीते रविवार ईरान ने इसराइल पर करीब 300 मिसाइल और ड्रोन दागे थे.
इसराइल ने ईरान की ओर से दागे गए सभी ड्रोन और मिसाइल दागने का दावा किया था ””””””””””limted data.
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हालांकि इसके बाद ही इसराइल की ओर से दावा किया जा रहा था कि वो सही समय आने पर ईरान की कार्रवाई का जवाब जरूर देगा.
एक अप्रैल को सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी दूतावास पर हमला हुआ था. इस हमले में एक वरिष्ठ जनरल समेत कुल 13 लोगों की मौत हुई.
ईरान ने इस हमले के लिए इसराइल को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि इसराइल ने सीधे तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली.
इस बीच, जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों के सूचकांक धराशायी हो गए.
निवेशक इसराइल की जवाबी कार्रवाई पर पैनी नज़र रखे हुए हैं. उनका मानना है कि मध्य पूर्व में इस तरह के संघर्ष से तेल की ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ सकता है.
इससे कई देशों में आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं. ओमान और ईरान के बीच होरमुज जल डमरुमध्य वाले मार्ग में पहले से तनाव ही चल रहा है. ये काफी अहम समुद्री मार्ग है.
दुनिया की पूरी ऑयल सप्लाई का 20 फीसदी इसी मार्ग से गुजरता है. ईरान दुनिया का सातवां सबसे बड़ा तेल सप्लायर देश है.
तेल निर्यात करने वाले देशों के संगठन ओेपेक के सदस्य सऊदी अरब, ईरान, यूएई, कुवैत और इराक इसी मार्ग से अपनी ज्यादातर सप्लाई विदेश भेजते हैं.